सेफ्टी पिन - लोगों का नन्हा साथी | Safety Pin | Safety Pin Uses
सेफ्टी पिन एक ऐसी वस्तु है जिसे छोटा-मोटा ऑलराउंडर कहा जा सकता है। कपड़ों को सम्हालने के अलावा ये कभी बटन का काम करता है तो कभी औजार का। आम घरेलू जीवन में तो इससे इतने तरह के काम लिये जाते हैं, जिनके बारे में लिखते-लिखते लंबी सूची बन जाएगी। सेफ्टी पिन के नाम में जुड़ा सेफ्टी शब्द क्या तुम्हारे मन में ये सवाल नहीं लाता कि भला इस पिन का सेफ्टी से क्या लेना? तो तुमको बता दें कि ऐसा कहा जाता है कि अठारहवीं सदी, जब सेफ्टी पिन बनाई गयी थी, उससे पहले तक इसकी जगह तार का उपयोग होता था जो कि अक्सर उँगलियों में चुभ जाता था। सेफ्टी पिन के आने से चोट लगने का खतरा कम हो गया इसलिए इसका नाम सेफ्टी पिन प्रचलित हो गया।
Your Queries
Why safety pin is called safety pin?
What's another word for safety pin?
What is the use of pins?
What are the types of safety pins?
What do safety pin earrings mean?
29 जुलाई 1796 को जन्मे वाल्टर हंट नामक मकैनिक और आविष्कारक ने 1849 में सेफ्टी पिन बनाई थी। ये वाल्टर हंट वही हैं जिन्होंने पेन, स्टोन, चाकू की धार तेज करने वाले औजार, स्पिनर और सिलाई मशीन आदि का भी आविष्कार किया है। इनके बारे में कहा जाता है कि इनपर कर्ज चढ़ा रहता था जिसे उतारने के लिए ये नयी-नयी चीजें बनाकर बाजारों में बेचते थे। सेफ्टी पिन के आविष्कार के पीछे भी यही बात कही जाती है। वैसे एक कहानी और है जिसके अनुसार वाल्टर ने ये सेफ़्टी पिन अपनी पत्नी के लिए बनाई थी। पत्नी की ड्रेस में लगे हुए बटन बार-बार टूट जाते थे। इसी परेशानी को दूर करने के लिए वाल्टर ने एक तार से नया जुगाड़ तैयार किया। ये जुगाड़ ड्रेस में ऐसे बटन का काम करता था जो जल्दी नहीं टूटता। इस जुगाड़ को देखते हुए उन्होंने सेफ्टी पिन बनाई और उसे ड्रेस पिन का नाम दिया। अतः कहा जा सकता है कि सेफ्टी पिन का असली नाम ड्रेस पिन है। बाद में वाल्टर हंट ने जब देखा कि सेफ्टी पिन की बाजारों में माँग बढ़ने लगी है तो उन्होंने उस समय इसके पेटेंट 400 डॉलर में बेच दिए।